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मंगलवार, 21 अक्टूबर 2014

आज

आज फिर से उसी तरह एक बार फिर मै-----------------उदास और तन्हा महसूस किया अपने आप को  क्यों कि इन ------

रविवार, 19 अक्टूबर 2014

वक्त और मै

वक्त और मै ------
                             ऐ मेरी कल्पनावो की उडान है